अध्याय 733: दानव!

दीर्घा में बैठे दर्शक गुस्से से भड़क उठे—

“ट्रायल करने की ज़रूरत ही क्या है? डायलन जैसे राक्षस को तो वहीं फाँसी पर चढ़ा दो—जिसने अपने ही घरवालों को मार डाला!”

“बिलकुल! सबूत एकदम साफ़ है, फिर भी ये सब तमाशा क्यों? ये तो अपराधी को साँस लेने का मौका देना हुआ!”

“मैं तो पहले समझती थी डायलन में कोई ‘पर...

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